श्रीमती मीरा कुमार की जीवनी | Meira Kumar Biography in Hindi

1909

कांग्रेस द्वारा 2017 के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार श्रीमती मीरा कुमार की प्रारंभिक जीवन  और राजनीतिक सफर के बारे में बताये?

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मीरा कुमार की जीवनी

श्रीमती मीरा कुमार भारतीय राजनेता और राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वे पंद्रहवीं लोकसभा में बिहार के सासाराम लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। मीरा कुमार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष है। कांग्रेस द्वारा 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनाया गया हैं। मीरा कुमार पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं। वे  लोकसभाध्यक्ष के पद पर आसीन होने वाली पहली दलित महिला हैं। साथ ही वह बिहार से इस पद पर आसनी होने वाली दूसरी सांसद हैं।

श्रीमती मीरा कुमार आठवीं, ग्याहरवीं, बारहवीं और पन्द्रहवीं लोकसभा की सदस्य रहीं हैं। मीरा कुमार सासाराम संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार संसद में पहुंची हैं। वह लोकसभा की पहली महिला स्पीकर के रूप में 3 जून 2009 को निर्विरोध चुनी गयी थी। 17 जुलाई 2017 को होने वाले राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष ने पूर्व लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार को अपना साझा उम्‍मीदवार बनाया है। इस तरह विपक्ष ने एनडीए के उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद  के सामने महिला एवं दलित उम्‍मीदवार को खड़ा कर अपनी चुनौती पेश की है।

 

प्रारंभिक जीवन

मीरा कुमार का जन्म 31 मार्च, 1945 को बाबू जगजीवन राम और इन्द्राणी देवी के यहाँ बिहार में हुआ। मीरा ने अपनी शिक्षा दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज व मिरांडा हाउस से ग्रहण की, कानून में स्नातक और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं। वर्ष 1973 में वह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए चुनी गईं। इसके बाद स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में उच्चायुक्त रहीं लेकिन अफसरशाही उन्हें रास नहीं आई और उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाने का फैसला किया। मीरा अंग्रेजी, स्‍‍पेनिश, हिंदी, संस्कृत, भोजपुरी में प्रवीण है। मीरा कुमार ने भारत के उच्‍चतम न्यायालय के अधिवक्ता, श्री मंजुल कुमार से विवाह किया और उनके एक पुत्र (अंशुल) एवं दो पुत्रियाँ (स्‍‍वाति और देवांगना) हैं।

मीरा कुमार के पिता स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय हेतु संघर्षकर्ता तथा उप प्रधान मंत्री स्वर्गीय बाबू जगजीवन राम और माता स्‍‍वर्गीय श्रीमती इंद्राणी देवी, स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा अनेक पुस्तकों की लेखिका थी।

राजनीतिक सफर

मीरा कुमार ने अपना राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश से प्रारंभ किया। वर्ष 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में उन्होंने उत्तर प्रदेश की वर्तमान मुख्यमंत्री मायावती और कद्दावर दलित नेता रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार संसद में कदम रखा। हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से पराजित हुई। इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11 वीं तथा 12 वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं।

1990 में वे कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी समिति की सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की महासचिव भी चुनी गई। 1996 में वे दूसरी बार सांसद बनीं और तीसरी पारी उन्होंने 1998 में शुरु की। 2004 में बिहार के सासाराम से लोक सभा सीट जीती। उस समय इन्हें पहली बार केन्द्र में मंत्री पद भी प्राप्त हुआ और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।

15 वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में बिहार में जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की हवा बह रही थी, उसमें भी मीरा कुमार ने सासाराम सीट को बरकरार रखा तथा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मुनिलाल को 45 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। इसके बाद केन्द्र में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए जल संसाधन मंत्रालय सौंपा गया था।

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