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दुनिया की सबसे लंबी हाईवे टनल ‘अटल टनल’ के बारे मे कुछ रोचक जानकारी|

आज भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी हाईवे टनल बना ली है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2020 को कर दिया है। यह सुरंग अब तक की विश्व की सबसे बड़ी हाईवे सुरंग है और इसका निर्माण करने के लिए हिमालय की ‘पीर पंजाल नामक पहाड़ी’ को काटा गया है। साथ ही जानकारी के लिए बता दें कि इस हाईवे सुरंग को बनाने की प्रक्रिया कोंग्रस सरकार के समय मे  28 जून 2010 से शुरू की गई थी और इसका उद्घाटन 3 अक्टूबर 2020 को किया गया है। ‌

दुनिया की सबसे बड़ी हाईवे सुरंग जिसका नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया। को बनाने के लिए भारत को लगभग 10 वर्ष का समय लग गया। इस टनल के नाम के बारे मे मोदी सरकार ने पिछले साल यानी 2019 में इस बात का निर्णय लिया था कि इस सुरंग का नाम भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा जाएगा। वैसे तो इसका निर्माण 2010 में कोंग्रेस की मनमोहन सरकार के समय शुरू हुआ था, जो अब पूरा हुआ है. इस सुरंग का निर्माण कार्य पिछले 10 वर्षों के लंबे कार्य समय के बाद इसको बनाने में 3200 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

दुनिया की इस सबसे बड़ी हाईवे टनल को बनाने का निर्णय भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा 3 जून को 2002 को लिया गया था। इसकी आधारशिला स्वर्गीय अटल जी ने ही रखी थी लेकिन फिर जब उनकी सरकार खत्म हो गई थी तो उसके बाद उनका यह सपना भी धूमिल हो गया था। लेकिन 2010 मे कोंग्रस के मनमोहन सरकार के द्वारा अटल बिहारी जी के इस सपने को पूरा करने के लिए 28 जून 2010 को इस टनल का कम शुरू किया गया| जिसके कारण आज यह टनल बनकर तैयार हो चुकी है।

अटल टनल की लंबाई 9 किलोमीटर है हालांकि जब इस सुरंग को बनाने की शुरुआत की गई थी तो उस समय यह निर्णय लिया गया था कि इस सुरंग की लंबाई 8.8 किलोमीटर रखी जाएगी लेकिन जब यह सुरंग बनकर तैयार हुई और उसके बाद इसकी ज़ीडीपी रीडिंग ली गई तो उसमें इसकी लंबाई 9 किलोमीटर निकली। इस प्रकार यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी हाईवे सुरंग है।

अटल टनल का साउथ पोर्टल मनाली से 25 किलोमीटर की दूरी पर है और वहां पर यह 3065 की ऊंचाई पर स्थित है और इसी तरह इस सुरंग का नोर्थ पोर्टल लाहौल घाटी से जुड़ा हुआ है जहां पर यह 3071 मीटर की ऊंचाई पर बना है। इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि यह टनल एक अत्यधिक आधुनिक तकनीक से बनी हुई है जो कि समुद्र तल से लगभग 3,000 मीटर यानी 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

बता दें कि दुनिया की इस सबसे बड़ी अटल टनल के अंदर सुरक्षा के बहुत कड़े और जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं। इस टनल के अंदर सुरक्षा का बहुत ज्यादा ध्यान रखा गया है और इसीलिए सुरंग की दोनों तरफ एंटीबैरियर बनाए गए हैं। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति के लिए भी हर 150 मीटर के बाद मदद के लिए संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा सुरंग में आग पर नियंत्रण करने की सुविधा भी है और साथ ही इस टनल में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं ताकि अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो उसका पता आसानी के साथ चल जाए।

इस टनल की विशेषताएं

  • इस सुरंग से हर दिन 3000-3500 कारें और 1500-1700  ट्रक का आवागमन सुगमता के साथ हो सकता है और प्रत्येक वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकेगा यानी इस टनल पर हर दिन 5000 - से - 5500  वाहन चल सकते हैं।
  • इसकी दूसरी अन्य विशेषता यह है कि इसने मनाली और लेह के बीच की दूरी को 46 किलोमीटर तक कम कर दिया है जिसके कारण यात्रा का समय भी चार-पांच घंटे तक कम हो गया है।
  • लाहौल स्पीति घाटी 6 महीने भारी बर्फबारी होने की वजह से देश से अलग हो जाया करती थी, लेकिन अटल टनल अब सारा साल मनाली को लाहौल स्पीति घाटी के साथ जोड़े रखेगी।
  • इस टनल में 8 मीटर का सड़क मार्ग है जिस पर सिंगल ट्यूब और डबल लेन वाली यह सुरंग बनी हुई है। साथ ही आपको बता दें कि इसकी ओवरहेड निकासी 5.525 मीटर है।
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